काश! घर में शौचालय होता तो नहीं जाती कक्षा दो की छात्रा सलोनी उर्फ श्रेया की जान

काश! घर में शौचालय होता तो नहीं जाती कक्षा दो की छात्रा सलोनी उर्फ श्रेया की जान

आवास, शौचालय, जॉब कार्ड, पेंशन, राशन कार्ड आदि किसी भी सरकारी योजनाओं की सुविधा से वंचित है धनंजय का परिवार

राजद नेता देवकुमार सिंह ने प्रभावित परिवार को दस लाख की आर्थिक सहायता व अन्य सरकारी सुविधाएं देने की मांग की

परसागढ़ के प्राथमिक विद्यालय में शोक सभा हुई आयोजित

वीरेंद्र कुमार यादव, ब्यूरो, अम्बालिका न्यूज,

एकमा (सारण) : थाना क्षेत्र के परसागढ़ निवासी धनंजय सोनी के घर में अगर शौचालय बना होता तो शायद उसकी मासूम आठ वर्षीय पुत्री व कक्षा दो की छाया सलोनी उर्फ श्रेया को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती! बुधवार की शाम श्रेया की परसागढ़ बाजार के उमाशंकर मोड़ के समीप एक ट्रैक्टर से कुचलकर उस समय घटनास्थल पर ही मौत हो गई , जब वह अपनी सहेलियों के साथ खुले में शौच के लिए गांव से बाहर जा रही थी। दुर्घटना में मासूम बेटी की मौत की घटना के बाद माता-पिता समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। बताते हैं कि खुले में शौच के लिए जाने के दौरान मौत के शिकार होने का यह कोई पहला मासूम नहीं हूई है। बल्कि इसके पहले भी क्षेत्र में घर में शौचालय नहीं होने के कारण इस तरह की वारदात हो चुकी है।

मृतक छात्रा सलोनी उर्फ श्रेया (फाइल फोटो)

क्षेत्रीय ग्रामीण अब तो मासूम की मौत के लिए सड़क दुर्घटना से ज्यादा उसके घर में शौचालय के नहीं होने को जिम्मेदार मान रहे हैं। बताते हैं कि शौचालय निर्माण के लिए विभाग द्वारा राशि तो खर्च की जा रही है परंतु अब भी कई घरों में शौचालय नहीं बन सका है। जिस कारण लोग खुले में शौच जाने के लिए विवश हो रहे हैं। घर में शौचालय नहीं रहने के कारण ही यह मासूम भी अपनी सहेलियों सहित शौच के लिए बाहर गई थी। लेकिन दुबारा वह लौट कर घर नहीं आ सकी। यदि उसके घर में शौचालय होता तो शायद यह हृदय विदारक घटना नहीं होती। इतना ही नहीं यह तो संयोग ही रहा कि इस सड़क हादसे का शिकार कोई और सहेलियां नहीं हुईं। वरना कुछ और भी मासूम इसका शिकार होने से बाल बाल बच गई।

घर में शौचालय नहीं बनने की कीमत धनंजय सोनी को अपनी एक मसूम बेटी की जिंदगी गंवाकर चुकानी पड़ी है। इनके साथ गईं कुछ मासूमों के सकुशल घर पहुंचने से कुछ परिवारों ने भगवान को धन्यवाद भी दिया है।
धनंजय व उसकी पत्नी रानी की मानें तो उनके घर में शौचालय नहीं है। पति-पत्नी का कहना है कि उनके घर में शौचालय होता तो वह अपनी बेटी को खुले में शौच को नहीं जाने देते और उनकी बेटी आज जिंदा होती।
धनंजय सोनी का पुराना एक कमरे का घर है। जिसमें उसके पिता रामेश्वर सोनी और तीन बच्चे रहते थे। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। खेती के लिए जमीन नहीं है। सरकारी योजनाओं के लाभ से इसका परिवार वंचित है। उसकी पत्नी रानी भी दिव्यांग है। पति-पत्नी व बाबा रामेश्वर का कहना है कि उनके घर में शौचालय होता तो वह बच्ची को बाहर नहीं जाने देते। यह पिछड़ी जाति समुदाय का परिवार आवास योजना के लाभ से भी वंचित है। किसी भी तरह की पेंशन भी नहीं मिलती है इस परिवार के सदस्य को।
इसे अपने सरकारी योजना के आवास, राशन कार्ड, जॉब कार्ड आदि की सुविधा भी नहीं मिल सकी है। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण काफी तंगी से परिवार की गाड़ी चलती है।
अब शायद एक मासूम की मौत के बाद जिम्मेदार शासन-प्रशासन के अधिकारियों की नींद खुले और इस परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ भले ही मिल जाए। लेकिन परिवार के मासूम की मौत के बाद हुई कमी कभी भी पूरी नहीं हो सकेगी।


बहरहाल, श्रेया की मौत के बाद अब परिवार में एक बड़ी बहन ज्योति (15) व एक छोटा भाई आयुष (4) अब परिवार में है। मृतक श्रेया गांव के ही सरकारी प्राथमिक विद्यालय की कक्षा दो में पढ़ती थी।

थाने में क्रास केस दर्ज:

मृतक मासूम के बाबा रामेश्वर सोनी ने अज्ञात ट्रैक्टर चालक के विरुद्ध थाने में हत्या का केस दर्ज कराया है। जबकि ट्रैक्टर चालक ने भी लगभग एक सैकड़ा से अधिक अज्ञात लोगों के विरूद्ध मारपीट करने ट्रैक्टर को आग के हवाले कर देने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।

राजद नेता देवकुमार सिंह ने प्रभावित परिवार को दस लाख की आर्थिक सहायता व अन्य सरकारी सुविधाएं देने की मांग की

उधर वरिष्ठ राजद नेता देव कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि के अलावा परिवार को सरकारी योजना का आवास, शौचालय और पेंशन दिए जाने के लिए जिला प्रशासन से मांग की है।

वरिष्ठ राजद नेता देव कुमार सिंह (फाइल फोटो)

श्री सिंह ने कहा है कि अगर 15 दिन के अंदर यह सुविधाएं पीड़ित परिवार को नहीं मिलती है तो विवश होकर जन आंदोलन चलाया जाएगा।

विद्यालय में आयोजित हुई शोक सभा :

परसागढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय (हिंदी) के परिसर में प्रधानाध्यापक व प्रखंड शिक्षक संघ के सचिव जलालुद्दीन अंसारी की अध्यक्षता में एक शोक सभा आयोजित कर हादसे में मौत की शिकार कक्षा दो की छात्रा सलोनी उर्फ श्रेया को श्रद्धांजलि दी गई।

शोक सभा में परिवर्तनकारी नियोजित शिक्षक महासंघ के सारण प्रमंडलीय संयोजक अरविंद कुमार के अलावा स्कूल की छात्र-छात्राएं व ग्रामीण शामिल हुए।

@ इनपुट संकलन : के. के. सिंह सेंगर

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