साहित्य: इंतजार खत्म… “आकाश में कोरोना घना है…”

साहित्य: इंतजार खत्म… “आकाश में कोरोना घना है…”

रिपोर्ट: अम्बालिका न्यूज सेंट्रल डेस्क,
“आकाश में कोरोना घना है…” कहानी संग्रह छप कर तैयार है. 23 कलमकारों की 29 कहानियों के रूप में यह “शब्द संपदा” कोरोना काल के संकटों को चित्रित करती है. यह कोरोना काल का 152 पेज का एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें ज्यादातर आंखों के सामने से गुजरा हुआ सच समाया है.

कहानी संग्रह से गुजरते हुए आप इसका यकीन खुद-ब-खुद ही करेंगे. देखें और भोगे हुए  यथार्थ पर कहानियांं लिखने वाले हिंदी के नवोदित पुजारी भी है और अनुभवी रचनाकार भी. कहानियों का यह मिला-जुला संग्रह आपको पसंद जरूर आएगा.

हमें विश्वास है कि आप जैसे हिंदी के सुधी और गुणी पाठको का प्रेम इस कहानी संग्रह को जरूर प्राप्त होगा. हम कोरोना काल के इस कहानी संग्रह को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की भी शीघ्र-अतिशीघ्र कोशिश कर रहे हैं. आप इस कहानी संग्रह को जल्द ही notnul.com पर आंशििक मूल्य देकर पढ़ने की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे. जल्द ही यह AMAZON पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगी.

आप सबके प्रेम प्यार की आकांक्षा के साथ एक बार पुनः निवेदन है कि नए-पुराने लेखकों-पत्रकारों की कलम से निकली इन कहानियों को पढ़िएगा जरूर.. आपकी प्रतिक्रियाएं हम सबको एक नई ऊर्जा प्रदान करेंगी.

पुस्तक मिलने का स्थान:-
लिटिल बर्ड  पब्लिकेशंस 
4637/20, शॉप नंबर एफ-5, प्रथम तल, हरि सदन,
अंसारी रोड दरियागंज नई दिल्ली-110002 
mo.No-9315436239,9911866239

आपका
गौरव अवस्थी

91-9415-034-340 

नोट: श्री गौरव अवस्थी जी, वर्तमान में यूपी के रायबरेली जिले में हिन्दी दैनिक “हिन्दुस्तान” के ब्यूरो प्रमुख हैं। इसके पूर्व मुझे सीतापुर हिन्दुस्तान के ब्यूरो कार्यालय में श्री अवस्थी जी के सानिध्य में मुझे कुछ वर्षों तक हिन्दुस्तान संवाददाता के रुप में कार्य करने सहित पत्रकारिता के गुढ टिप्स व अनुभव भी पाने का सुअवसर मिल चुका है।

सादर प्रणाम।

के. के. सिंह सेंगर

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