यूपी में रविवार को होने वाली नलकूप चालकों के चयन हेतु लिखित परीक्षा स्थगित होने से परिक्षार्थियों में छायी मायूसी, सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने पर अधीनस्थ सेवा आयोग ने लिया यह फैसला, मेरठ में पेपर लीक मामले में कई गिरफ्तार

यूपी में रविवार को होने वाली नलकूप चालकों के चयन हेतु लिखित परीक्षा स्थगित होने से परिक्षार्थियों में छायी मायूसी, सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने पर अधीनस्थ सेवा आयोग ने लिया यह फैसला, मेरठ में पेपर लीक मामले में कई गिरफ्तार

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मायूस खड़े परिक्षार्थी

के. के. सिंह सेंगर, अम्बालिका न्यूज डेस्क,

लखनऊ/गोरखपुर (यूपी) : यूपी में नलकूप चालक के 3210 पदों के लिए रविवार को होने वाली लिखित परीक्षा को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्थगित कर दी है। बताया जाता है कि आयोग ने यह कदम परीक्षा से पूर्व सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने के बाद उठाया है।
इससे पहले आयोग की ओर से रविवार यानी दो सितंबर को परीक्षा संपन्न कराने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। इसके लिए आठ शहरों के परीक्षा केंद्रों क्रमशः लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, आगरा और बरेली में पर्यवेक्षक भी भेजे जा चुके थे।

वहीं विभिन्न जनपदों से काफी संख्या में परीक्षार्थी एक दिन पहले ही परीक्षा केंद्र वाले शहरों के विभिन्न स्थानों पर पहुंच गए थे। सुबह जैसे ही यह जानकारी मिली कि परीक्षा स्थगित हो गई है, परीक्षार्थियों में मायूसी और आक्रोश दोनों देखने को मिला। एक तरफ जहां कानपुर में परीक्षार्थियों ने अपने आक्रोश का इजहार किया है। वही गोरखपुर शहर में भी बस्ती, गोंडा, देवरिया, बलिया महाराजगंज, बलरामपुर व फैजाबाद आदि जनपदों से पहुंचे परीक्षार्थियों के बीच गई गोरखपुर में काफी मायूसी देखी गई।

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर भी परीक्षार्थियों के चेहरे मुरझाए हुए नजर। गोंडा जिले के मनकापुर से आए ए परीक्षार्थी विजय कुमार ने बताया कि रात भर जग कर ट्रेन में धक्का-मुक्की करके जब सुबह गोरखपुर रेलवे स्टेशन में पहुंचे, तो कुछ मित्रों ने फोन करके बताया विभिन्न अखबारों में यह खबर छपी है कि लिखित परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इसके बाद से ही मूड काफी अपसेट हो गया।

इसी प्रकार काफी संख्या में गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों ने अपने अपने दर्द को बयां किया।जबकि एक दिन पहले परीक्षा केंद्रों के शहरों में पहुंचकर होटल में कमरे बुक करके रुकने वाले परीक्षार्थी जब सुबह जगने के बाद परीक्षा की तैयारी में लगे, तो उनके मोबाइल फोन पर दोस्तों की कॉल आने लगे। दोस्त यह बता रहे थे परीक्षा स्थगित कर दी गई है। इसके बाद इन परीक्षार्थियों के बीच सारी तैयारियों पर पानी फिर गया।

उधर एसटीएफ की ओर से इस मामले में सात से 10 लोगों को मेरठ से हिरासत में लेने की जानकारी मिली है। जिनके ऊपर पेपर को लीक करने का आरोप है। इस बीच पेपर आउट होने की सूचना मिलते ही आयोग में हड़कंप मच गया। इसके बाद आनन फानन परीक्षा को निरस्त करने का फैसला लेते हुए आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा की दूसरी तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि नलकूप चालक के 3210 पदों के लिए प्रदेश के आठ जिलों में रविवार को आयोजित होनी थी। इसके लिए दो लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग के अध्यक्ष सीबी पालीवाल ने बताया है कि परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। इसकी जांच करायी जा रही है कि पेपर कैसे आउट हुआ। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाये जाएंगे।
यहां यह भी बता दें कि नलकूप चालक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन साल 2016 में जारी हुआ था। पहले इसमें स्क्रीनिंग परीक्षा के बाद साक्षात्कार के जरिये चयन होना था। लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद इसकी प्रक्रिया रोक दी गई थी। बाद में आयोग ने सिर्फ लिखित परीक्षा के आधार पर ही चयन का फैसला किया।

 

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