सारण : नंदलाल सिंह कॉलेज जैतपुर-दाउदपुर का 50वां स्थापना दिवस (स्वर्ण जयंती समारोह) धूमधाम के साथ संपन्न

सारण : नंदलाल सिंह कॉलेज जैतपुर-दाउदपुर का 50वां स्थापना दिवस (स्वर्ण जयंती समारोह) धूमधाम के साथ संपन्न

 

रिपोर्ट : वीरेश सिंह, अम्बालिका न्यूज ब्यूरो,

छपरा/दाउदपुर (सारण) : नंदलाल सिंह कालेज जैतपुर-दाउदपुर का 50वां स्थापना दिवस (स्वर्ण जयंती समारोह) शनिवार को मनाया गया। जिसका उद्घाटन पूर्व प्राचार्य डॉ. परमेश्वर सिंह, डॉ. अर्जुन सिंह आदि ने संयुक्त रूप दीप प्रज्वलित कर किया। उसके बाद कालेज के कुल देवता नंदलाल बाबू की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया। प्राचार्य डॉ. केपी श्रीवास्तव ने अंग-वस्त्र देकर अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय स्तर पर खेल-कूद प्रतियोगिता में कालेज का नाम रौशन करने वाले छात्रों में अंकित कुमार, अमित कुमार सिंह, आसिफ अंसारी, सोनू महतो, श्यामली व पूजा कुमारी को मेडल व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं इस मौके पर कालेज की वार्षिक पत्रिका ‘समता’ का भी विमोचन किया गया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्य वक्ता पूर्व प्राचार्य व वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि शिक्षा बौद्धिक, समाजिक, नैतिक विकास के साथ ही मनुष्य को स्वावलंबी, प्रतियोगी और सर्व-गुणों से समृद्ध बनाती है। शिक्षा के बिना मनुष्य उचित और अनुचित में फर्क नही कर सकता। ज्ञान के सार तत्व को समझने के लिए कठिन परिश्रम, सतत अध्ययन व चिंतन की जरूरत होती है। वास्तव में सत्य की अनुभूति ही ज्ञान है। सही शिक्षा के लिए शिक्षक, अभिभावक व विद्यार्थी तीनों को ईमानदारी से प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का उद्देश्य बदल गया है। बच्चे नौकरी के लिए शिक्षा ग्रहण करते हैं। जिसका सीधा मतलब है पराधीनता को स्वीकार करना। किसी के अधीन रह कर ईमानदारी व स्वतंत्रता पूर्वक कार्य नही किया जा सकता। शिक्षा हर बंधन को तोड़ कर स्वछंद बनाती है। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज में स्थापित एक समृद्ध पुस्तकालय है। जहां बैठ कर अपार ज्ञान अर्जित कर जीवन को सार्थक किया जा सकता है। वहीं पूर्व प्राचार्य डॉ. परमेश्वर सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज के स्थापना काल से अभी तक के सफर की विस्तृत चर्चा की। वहीं पूर्व प्राचार्य अर्जुन सिंह ने वर्तमान परिवेश में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ग्रहण करना काफी सरल हो गया। शिक्षा प्राप्त करने के अनेकों साधन उपलब्ध हैं।

प्रो. राजगृह सिंह ने कहा कि सही मायने में शिक्षा मनुष्य को सत्य से आत्म-सात कराती है। इसके बिना मनुष्य का जीवन अंधकारमय है। समारोह को प्रो. ओमप्रकाश सिंह, शिक्षक नेता दिनेश सिंह, डॉ. जलील आदि ने भी संबोधित किया। संचालन प्रो. कमल जी व धन्यवाद ज्ञापन प्रो. दिव्यांशु ने किया। समारोह में प्रो. सुरेन्द्र सिंह, प्रो. रामेश्वर सिंह, प्रो. राकेश सिंह, जिला पार्षद विजय प्रताप सिंह चुन्नू , शैलेंद्र पाण्डेय, सुरेश सिंह, उमा शंकर सिंह, मनीष पाण्डेय मिंटू, अभिषेक प्रताप सिंह, संजय सिंह, आलोक सिंह, राजीव सिंह, मृत्युंजय सिंह, मनील सिंह, अंजनी सिंह आदि सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

 

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