‘नहाय-खाय’ के साथ लोक महापर्व चैती छठ का चार दिवयीय अनुष्ठान शुरू, बुधवार को ‘खरना’, एकमा बीडीओ ने दिए छठ घाटों की साफ-सफाई कराने के निर्देश

‘नहाय-खाय’ के साथ लोक महापर्व चैती छठ का चार दिवयीय अनुष्ठान शुरू, बुधवार को ‘खरना’, एकमा बीडीओ ने छठ घाटों की साफ-सफाई कराने के दिए निर्देश 

रिपोर्ट : वीरेंद्र कुमार यादव/ प्रो. अजीत कुमार सिंह, अम्बालिका न्यूज

एकमा (सारण) : सूर्योपासना व छठी माता की पूजा-उपासना का चार दिवसीय लोक महापर्व चैती छठ का अनुष्ठान मंगलवार को व्रतियों की ओर से ‘नहाय-खाय” करने के साथ शुरू हो गया।

डॉ. (प्रो.) विवेकानंद तिवारी,ताजपुर फुलवरिया गांव निवासी ज्योतिषाचार्य डॉ. (प्रो.) विवेकानंद तिवारी व रीठ गांव निवासी पं. अवधेश मिश्र ने बताया कि बुधवार को छठ व्रती ‘खरना’ का अनुष्ठान करेंगे। गुरुवार की शाम को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य देव को पहला अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसी प्रकार शुक्रवार की सुबह भी उदीयमान/ उगते हुए भगवान भाष्कर को अर्घ्य देने व व्रतियों की ओर से पारण करने की रस्म अदायगी के साथ इस चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ का समापन होगा।

एकमा बाजार में सजी पूजन सामग्री हेतु गन्ने की दुकान

क्षेत्र के नगर पंचायत बाजार के अलावा राजापुर, हंसराजपुर, रीठ, हरपुर, नरहनी, नवतन, नचाप, भजौना, सिंगही, टेघरा, नरवन, महम्मदपुर, मुबारकपुर, एकडेंगवा, ताजपुर, गोबरही, साधपुर, शीतलपुर, बरेजा, भरहोपुर, सरयुपार, गौसपुर, देकुली, गंजपर, खानपुर, भलुंआ बुजुर्ग सहित लगभग सभी गांवों में छठ व्रतियों की ओर से मंगलवार को ‘नहाय-खाय’ कर छठ व्रत का संकल्प लिया गया।
इस दौरान छठ व्रतियों ने अपने समीप स्थित नदियों, जलाशयों, तालाब, पोखरों व घरों में अपनी सुविधा अनुसार पवित्र स्नान किया। इस दिन व्रतियों ने घर में गंगाजल का छिड़काव कर पवित्रता के साथ सात्विक भोजन ग्रहण किया।

– लहसुन व प्याज रहित घर में बना भोजन:

मंगलवार को छठ व्रतियों के घरों में लहसुन व प्याज रहित लौकी की सब्जी, चने की दाल एवं अरवा चावल का भोजन बनाया गया। छठ व्रत का अनुष्ठान करने वालों ने यही आहार ग्रहण किया। इसी के साथ पूरा परिवार भक्ति के वातावरण में डूब गया। घरों में महिलाएं पारंपरिक छठ गीत भी गुनगुनाने लगीं।

– मिट्टी के बने नये चूल्हे पर से बनेगा खरना का प्रसाद :

एक महिला छठ व्रती ने बताया कि वह 15 वर्षों से छठ व्रत का अनुष्ठान करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को मिट्टी के बने नये चूल्हे पर बना खरना का प्रसाद महापर्व का विशेष महा प्रसाद होगा। व्रतियों द्वारा मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से रसियाव (खीर) व रोटी बनायी जाएगी।

गुंजने लगे छठ पूजा के पारंपरिक लोकगीत :

वैसे तो वासंतिक नवरात्र के चलते पहले से ही देवी माता व विभिन्न शक्ति के रुपों की आराधना से जुड़े भजन व आरती की क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है। इसी बीच अब नगर पंचायत बाजार से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक छठ व्रत से संबंधित विभिन्न भोजपुरी, हिंदी व अवधी भाषा के पारंपरिक एवं आधुनिक तर्ज वाले लोकगीत बजते हुए सुनाई देने लगे हैं। मंगलवार से ही परिवार में वातावरण छठमय में हो गया है। बुधवार को छठ व्रतियों के परिजनों की ओर से छठ पूजा की पूजन सामग्री की खरीदारी की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न जलाशयों के किनारे छठ घाटों का निर्माण व साफ-सफाई का कार्य शुरू हो जाएगा। छठ पूजा के लिए छठी माता की सिरसोप्ता, मिट्टी की पिंडी एवं वेदी बनाए जाने के साथ ही रंग रोगन का कार्य भी गुरुवार की दोपहर से पहले संपन्न कर लिया जाएगा।

छठ घाटों की सफाई के लिए बी.डी.ओ. डॉ. कुंदन कुमार ने दिए निर्देश :

साभार फोटो : एकमा बीडीओ डॉ. कुंदन कुमार

एकमा (सारण) : एकमा बीडीओ डॉ. कुंदन कुमार ने संबंधित कर्मचारियों व त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न छठ घाटों की साफ-सफाई कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिया है।

 

(Edited by : K. K. Singh Sengar)

मतदाता जागरूकता अभियान में शामिल अम्बालिका न्यूज की पहल

Advt.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*