WJAI ने शुरु की पेड न्यूज़ के विरुद्ध मुहिम, संगठन से जुड़े सभी सदस्य लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ : आनन्द कौशल

WJAI ने शुरु की पेड न्यूज़ के विरुद्ध मुहिम, संगठन से जुड़े सभी सदस्य लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ : आनन्द कौशल

रिपोर्ट : प्रो. अजीत कुमार सिंह/के. के. सिंह सेंगर, अम्बालिका न्यूज,

पटना (बिहार) : स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रथम प्राथमिकता होती है। लेकिन, ऐसा न हो पाना किसी भी सिस्टम के लिए शोचनीय तथा निंदनीय विषय है। ध्यान देने का विषय है यदि राजनीतिक दल और उनके उम्मीदवार आचार संहिता की धज्जियाँ उड़ाना शुरू करते है इसके साथ ही मीडिया लोकतांत्रिक मूल्यों को भूलकर पूंजीपतियों का मददगार बन जाए, मतदाता सही उम्मीदवार के बदले एक अपराधी को वोट देना शुरू कर दें तो, इस व्यवस्था का क्या होगा? यकीनन, हर तरफ अराजकता का माहौल पैदा हो जाएगा और सिस्टम पंगु हो जाएगा। ऐसी परीस्थिति से बचने के लिए कई स्तरों पर सुधार की जरूरत है। 2016 में चुनाव आयोग ने देश में चुनाव सुधार के लिए कुछ सुझाव दिए थे। इन सुझावों में एक यह भी था कि निष्पक्ष चुनाव के लिए पेड न्यूज, ओपिनियन पोल, एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाया जाए।

दरअसल, ये ऐसे प्रयास हैं जिनके तहत पैसे की उगाही और आचार संहिता का मजाक बनाना आम बात हो गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर राजनीतिक दलों के कुल बजट का लगभग 40 प्रतिशत मीडिया संबंधी खर्चों के लिए आवंटित होता है। लिहाजा, मीडिया और सियासी दलों दोनों पर ही शिकंजा कसना वक्त की जरूरत है। इसके लिए जनप्रतिनिधि कानून, 1951 की धारा 123 में संशोधन करके पेड न्यूज के लिए धन के आदान-प्रदान को चुनावी कदाचार घोषित किया जाना चाहिए। हालाँकि, अनुच्छेद 19 ए मीडिया की अभिव्यक्ति की आजादी को सुनिश्चित करता है। तथापि यह बात भी समझना होगा कि यह आजादी एकतरफा नहीं है ,यह कुछ शर्तों के तहत आजादी दी गई है। इसके तहत मीडिया को अपनी शक्ति के सही रूप में उपयोग करने का पाठ मिलेगा और इससे समाज में भी आमूलचूल परिवर्तन आ सकेगा। बस जरूरत है पेड न्यूज के खिलाफ एक अभियान की । इसमें समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को सोचना होगा और इसके खिलाफ आवाज़ भी बुलंद करनी होगी। पेड न्यूज़ के मुहिम में WJAI भी आगे है। WJAI के नेशनल प्रेसिडेंट आनंद कौशल ने कहा कि हमारा संगठन इस विषय पर गंभीर है इसलिए लोकतंत्र के महापर्व पर WJAI पेड न्यूज़ का विरोध करता है, संगठन से जुड़े तमाम सदस्यों की आस्था संविधान और उनकी संस्थाओं पर है. हम स्वच्छ, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव संपन्न कराने की चुनाव आयोग की कोशिशों में पूरा सहयोग करेंगे और स्वस्थ जनतंत्र के निर्माण में अपनी भूमिका निर्वाह करेंगे।

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