भारत में 26.7 करोड़ लोग करते है तम्बाकू का सेवन : महेंद्रपाल

भारत में 26.7 करोड़ लोग करते है तम्बाकू का सेवन : महेंद्रपाल

-हरियाणा में तम्बाकू का सेवन करने वालों की संख्या 23.6 प्रतिशत

-चीन व भारत में तम्बाकू की खपत सर्वाधिक
-तम्बाकू के सेवन से 8 घातक बीमारियों का खतरा
-सार्वजनिक स्थलों पर लगाना होगा चेतावनी बोर्ड
-कार्यक्रम प्रामोजित नहीं कर सकती तम्बाकू कंपनियां
-एक्ट का उल्लंघन होने पर जुर्माना व सजा का प्रावधान
-शिक्षण संस्थानों के 100 गज दायरे में रहेगा प्रतिबंध
-संस्थानों के बाहर लगाना होगा चेतावनी बोर्ड
हर्षित सैनी

रिपोर्ट : अनूप कुमार सैनी, अम्बालिका न्यूज डेस्क,

रोहतक, 26 दिसंबर। दृढ़ इच्छा शक्ति व प्रेरणा से तम्बाकू के सेवन पर अंकुश लगाया जा सकता है। समाज में तम्बाकू के सेवन पर नियंत्रण करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। यह बात नगराधीश महेंद्रपाल ने आज राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कही।
महेंद्रपाल ने कहा कि पूरी दुनिया में हर वर्ष 70 लाख लोगों की मृत्यु तम्बाकू के सेवन की वजह से हो जाती है। जबकि भारत में प्रति वर्ष 10 लाख लोगों की मृत्यु का कारण तम्बाकू का सेवन बनता है। ग्लोबल ऑडिट तम्बाकू सर्वे (जीएटीएस) 2016-17 का जिक्र करते हुए नगराधीश ने बताया कि भारत में 15 वर्ष व इससे अधिक आयु के 26.7 करोड़ लोग तम्बाकू का सेवन करते है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 19.9 करोड़ व्यस्क व शहरी क्षेत्रों में 6.8 करोड़ व्यस्क भारत में तम्बाकू का सेवन करते हैं। इस प्रकार से हर 10वां व्यस्क तम्बाकू का सेवन करता है। वर्ष 2009-10 में जीएटीएस द्वारा दिये गये आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 23.7 प्रतिशत लोग तम्बाकू का सेवन करते थे जबकि वर्ष 2016-17 में यह आंकड़ा 23.6 प्रतिशत रहा।
महेन्द्रपाल ने कहा कि तम्बाकू के सेवन करने वाले लोगों में मात्र -0.1 की कमी आई है, जिसमें और अधिक सुधार करने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में 19.7 प्रतिशत लोग धूम्रपान करते है।
उन्होंने बताया कि चीन, ब्राजील, भारत, अमेरिका व इंडोनेशिया दुनिया के टॉप पांच ऐसे देश हैं, जो तम्बाकू का उत्पादन करते है। खास बात यह है कि इन पांच देशों में से चीन व भारत ऐसे देश है जिनमें कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा खपत हो जाता है। विश्व भर में धूम्रपान करने वाले लोगों का दो तिहाई हिस्सा केवल मात्र दस देशों में रहता है और इनमें से 40 प्रतिशत लोग केवल चीन व भारत में ही रहते है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू का प्रयोग करने वाले लोगों को आठ तरह की गम्भीर बिमारियां लग जाती है जो उनकी मौत का कारण बनती है।
महेंद्रपाल ने कहा कि सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 की धारा चार के तहत प्रति उलग्न पर 200 रुपये का जुर्माना किया गया है। इस धारा के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट बीड़ी या किसी अन्य ढंग से धूम्रपान पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान मुक्त क्षेत्र के चेतावनी बोर्ड न लगाना भी उल्लंघना में आता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यद्वार पर लगे चेतावनी के बोर्ड पर नोडल अधिकारी का नाम व फोन नम्बर भी होना चाहिए। धारा पांच में तम्बाकू उत्पादों पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष ढंग से प्रचार करने पर मनाही है। इसके अलावा तम्बाकू कम्पनियों से कोई भी कार्यक्रम प्रायोजित नहीं करवाया जा सकता।
नगराधीश के अनुसार धारा पांच के प्रथम उल्लंघन पर दो वर्ष कारावास अथवा एक हजार रुपये का जुर्माना या दोनों सजा साथ की जा सकती है। इसी धारा के तहत दोबारा उल्लंघन करने पर पांच वर्ष की कारावास अथवा पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं साथ की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा छह के तहत नाबालिग को तम्बाकू उत्पादन बेचना या उससे बिकवाना प्रतिबंध है। तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले स्थान पर अधिनियम के अनुसार बोर्ड लगाने पर मनाई है। तम्बाकू उत्पादों को सजाकर रखना अथवा बच्चों की पंहुच में होना भी अधिनियम का उल्लंघन है।
धारा छ: ए के तहत उल्लंघन पर 200 रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान किया गया गया है। उन्होंने कहा कि धारा छ: बी के तहत किसी भी शिक्षण संस्थान के 100 गज के दायरे के भीतर तम्बाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध है। 100 गज का दायरा संस्थान की बाहरी सीमा से मापा जाएगा। इससे संबंधित चेतावनी बोर्ड संस्थान के मुख्यद्वार पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो इससे धारा 6बी की उल्लंघना माना जाएगा।
महेंद्रपाल ने कहा कि धारा छ: ए और बी के तहत अधिनियम के प्रवर्तन की जिम्मेदारी विभिन्न अधिकारियों को दी गई है। इन अधिकारियों में विश्वविद्यालय का कुलपति, प्राचार्य, मुख्याध्यापक, सहायक लेबर कमीशनर, फूड एवं ड्रंक इंस्पेक्टर, शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, सब इंस्पेक्टर रैंक तक या उससे उपर के रैंक के सभी पुलिस अधिकारी, नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी, गांव का सरपंच, एनआरएचएम का जिला कार्यक्रम प्रबंधक व जिला वित्त प्रबंधक, सिविल सर्जन, एसएमओ, एमओ, बीडीपीओ, बीईई, जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठï का नोडल अधिकारी शामिल है।
कार्यशाला में सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, उपसिविल सर्जन डॉ. सत्यवान, डॉ. रेनू कम्बोज, डॉ. सुमन, डॉ. कमला वर्मा, डॉ. हिम्मत सिंह, एसएमओ किलोई जीडी शर्मा, डॉ. दिनेश गर्ग, गायत्री सुमपरवाइजर, ममता, प्रतिभा, अनिल कुमार, दीपक कादयान, रविंद्र व सुनील आदि उपस्थित थ

 

फोटो कैप्शन
नगराधीश महेंद्रपाल ने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए।

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